30 जुलाई 2025 को रूस के सुदूर उत्तर-पूर्वी केमचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसने पूरे प्रशांत क्षेत्र में दहशत फैला दी। यह भूकंप पेत्रोपावलोव्स्क-कमचात्स्की शहर से लगभग 125 किलोमीटर दूर समुद्र में आया, जिसकी गहराई मात्र 19 किलोमीटर थी। इसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि यह हाल के दशकों में इस क्षेत्र में दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जा रहा है।
भूकंप के बाद सुनामी की लहरें उत्पन्न हुईं, जो केमचटका के कुछ तटीय इलाकों में 3 से 4 मीटर तक दर्ज की गईं। कई स्थानों पर पानी तट से भीतर तक घुस आया, जिससे बंदरगाह, रिहायशी क्षेत्र और एक स्कूल को नुकसान पहुंचा। कई नौकाएँ विस्थापित हो गईं और तटीय ढांचे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
| घटना | विवरण |
|---|---|
| तारीख और स्थान | 30 जुलाई 2025 – केमचटका प्रायद्वीप, रूस |
| माप / गहराई | 8.7–8.8, गहराई ~19.3 किमी |
| प्रभाव क्षेत्र | केमचटका, जापान, हवाई, अलास्का, गुआम, माइक्रोनेशिया, न्यूज़ीलैंड समेत प्रशांत क्षेत्र |
| सुनामी ऊँचाई | रूस में 3–4 मी, जापान में ≈0.6 मी |
| निकासी | जापान में 9 लाख+, हवाई और अलास्का में भी आदेश |
| नुकसान / घायल | रूस में इफेक्ट, किंडरगार्टन में क्षति, मामूली घायल |
| इतिहास में तुलना | 1952 के सबसे शक्तिशाली केमचटका भूकंप के बाद पहला बड़ा प्रकोप |
भूकंप के चलते जापान, अमेरिका (हवाई और अलास्का सहित), गुआम, माइक्रोनेशिया, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया तक में सुनामी की चेतावनियाँ जारी की गईं। जापान में लगभग 9 लाख लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों की ओर स्थानांतरित किया गया। जापानी तटों पर भी सुनामी की हल्की लहरें दर्ज की गईं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।
रूस के प्रभावित क्षेत्रों में कई लोग घायल हुए हैं, हालांकि सभी की स्थिति स्थिर बताई गई है। अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने संभावित आफ्टरशॉक्स की चेतावनी दी है, जिनमें से कुछ की तीव्रता 6.9 तक दर्ज की गई है।
इस भूकंप ने एक बार फिर दिखा दिया है कि प्रशांत ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि कितनी सक्रिय और खतरनाक हो सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इतनी उथली गहराई में आया इतना शक्तिशाली भूकंप बहुत कम देखने को मिलता है, और इसका प्रभाव दूर-दूर तक महसूस किया गया।
