जब दिमाग में राजशाही चढ़ जाए तो फिर राजा को आम जनता की कोई परवाह नहीं रहती, चाहे राजा के सामने प्रजा कितना भी अलाप करती रहे, वैसे ही जब हम नौकरशाही की बात करते हैं तो सरकारी कर्मचारी भी जनता की जरूरतों को ताक पर रखनें में एक पल का भी समय नहीं जाया नहीं करती, हालिया मामला जांजगीर चांपा जिले के बलौदा ब्लॉक का है, बलौदा ब्लॉक के नए नवेले BEO (विकासखंड शिक्षा अधिकारी) रवि गौतम साहब अपनी काबिलियत से कुर्सी पर तो आसिन हो गए हैं लेकिन अपनी कुर्सी की मर्यादा के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं.

सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए आवेदन को ब्लर किया गया है
कैसे ये हम आपको बताते हैं – पगडंडी खबर के द्वारा राजा साहब के दरबार में RTI नामक अर्जी लगायी गयी थी, RTI का नियम होता है कि 30 दिवस के भीतर आवेदक को जानकारी दे दी जाए, चाहे जैसी भी जानकारी हो लेकिन आवेदनकर्ता तक विभाग का जवाब पहुंचना अनिवार्य है लेकिन रवि गौतम साहब के कार्यभार संभालने (शाही कुर्सी पर आसीन) के बाद आवदकों को किसी भी RTI का जवाब नहीं मिल पा रहा है, ना ही राजा साहब के कोई भी कर्मचारी अपील के लिए DEO (जिला शिक्षा अधिकारी) कार्यलय पहुंच रहे हैं. इन लोगों को लगता है कि आवेदक क्या ही कर सकता है, सत्ता और सरकार के साथ कुर्सी और कुर्सी की ताकत तो हमारी ही है. हम किसी के प्रति जवाबदेही क्यों ही रहें, नियम चाहे जो भी हो कुर्सी हमारी तो नियम हमारा ही होगा वाले सिद्धांत को आत्मसात करते हुए BEO साहब जवाब देना पसंद नहीं कर रहे हैं?
