नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार: मारा गया सबसे खूंखार कमांडर हिड़मा, पत्नी राजे सहित 6 नक्सली ढेर
रायपुर/सुकमा: छत्तीसगढ़-आंध्रप्रदेश सीमा पर सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल कर ली है। देश का सबसे वॉन्टेड और खूंखार नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा (43) मारा गया। हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजक्का उर्फ राजे समेत कुल 6 नक्सली मारे गए। मुठभेड़ सोमवार देर रात सुकमा जिले के घने जंगलों में आंध्रप्रदेश की सीमा से सटे इलाके में हुई।हिड़मा की मौत को नक्सलवाद के ताबूत में ठोंकी गई आखिरी कील माना जा रहा है। वह CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमिटी का सबसे युवा सदस्य और बस्तर क्षेत्र से एकमात्र आदिवासी सदस्य था। PLGA बटालियन नंबर-1 का कमांडर हिड़मा पिछले 15 साल से सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी चुनौती था। उसके सिर पर 50 लाख रुपये का इनाम था।हिड़मा के नाम थे ये खौफनाक हमले
- 2010 दंतेवाड़ा नरसंहार → 76 CRPF जवान शहीद
- 2013 झीरम घाटी नरसंहार → महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल सहित 27 कांग्रेसी नेता मारे गए
- 2017 सुकमा हमला
- 2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़ → 22 जवान शहीद
कुल 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था हिड़मा।कौन था हिड़मा?
- असली नाम: संतोष
- जन्म: 1981, सुकमा का पूवर्ती गांव (नक्सल नर्सरी कहलाता है)
- पद: बटालियन-1 कमांडर, सेंट्रल कमिटी सदस्य
- बसवा राजू की मौत के बाद मिली थी सेंट्रल कमिटी की सदस्यता
हाल ही में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पूवर्ती गांव जाकर हिड़मा की मां से मिले थे और सरेंडर की अपील करवाई थी, लेकिन हिड़मा नहीं माना।आंध्रप्रदेश ग्रेहाउंड फोर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस का संयुक्त सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षा बलों का दावा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से बहुत पहले ही बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा।नक्सलवाद के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है।
