देश का कोई भी राज्य हो आज कल वहां के लोकल नागरिकों को बाहरी व्यक्तियों के द्वारा गाली गलौच करने व गुंडाई दिखाने का मामला ट्रेंड पर है, हाल ही में छत्तीसगढ़ में एक कथा वाचक आशुतोष चैतन्य को छत्तीसगढ़ के सतनामी समाज के लोगों के खिलाफ जहर उगलते सुना गया, कथा की गद्दी पर बैठे इस कथावाचक को लग रहा था ‘अपून ही भगवान है’
और वो जो चाहे बयानबाजी कर सकते हैं. लेकिन महाराज ये भूल गए कि किसी की जाति, धर्म, ,समाज पर टिप्पणी करना गैरकानूनी है. इस बायनबाज कथावाचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए भीम रेजिमेंट छग. द्वारा जांजगीर चांपा एसपी को ज्ञापन सौंपा गया और आशुतोष चैतन्य के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तारी करने की मांग की गयी.

जानिए पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के तखतपुर क्षेत्र में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचक आशुतोष चैतन्य ने सतनामी समाज को लेकर विवादास्पद और अपशब्दों वाली टिप्पणी की। यह बयान वीडियो के रूप में सोशल मीडिया और यूट्यूब पर वायरल हो गया, जिसके बाद सतनामी समाज में भारी आक्रोश फैल गया।

सतनामी समाज में आक्रोश,थाने को घेरा
कथावाचक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सतनामी समाज में आक्रोश है। समाज के लोग बड़ी संख्या में तखतपुर थाने पहुंचे और घेराव कर दिया। इस दौरान समाज के लोगों ने कथावाचक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाज के लोगों का कहना है कि व्यासपीठ से की गई ऐसी टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है, बल्कि समाज को आपस में बांटने का प्रयास भी है। कथावाचक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। कथावाचक की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

भीम रेजिमेंट के पदाधिकारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन
सुरेन्द्र रत्नाकर (प्रदेश अध्यक्ष भीम रेजिमेंट युवा प्रकोष्ठ) लकेश्वर प्रसाद (जिला प्रभारी भीम रेजिमेंट) ओम प्रकाश (जिला उपाध्यक्ष जांजगीर चांपा, भीम रेजिमेंट) जश्वेंद्र खुंटे (जिला अध्यक्ष कार्य. भीम रेजिमेंट), सुरज खरे ब्लॉक अध्यक्ष नवागढ़, सनी सुर्यवंशी ( महामंत्री, भीम रेजिमेंट) विजय महंत संभाग महासचिव (यूवा प्रकोष्ठ) भीम रेजिमेंट सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एसपी से मुलाकात कर अभद्र बयानबाजी करने वाले कथावाचक आशुतोष चैतन्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.

छत्तीसगढ़ को टारगेट किया जा रहा है?
हमारा प्रदेश छत्तीसगढ बेहद शांत प्रदेश है, यहां पर हमेशा से ही बाहर से आने वाले व्यक्तियों, व्यापारियों का सम्मान के साथ स्वागत किया गया है लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद बाहर से आए ये परदेशी छत्तीसगढ़ के लोगों का ही आवाज दबाने के लिए उठ खड़े हो रहे हैं, पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मुर्ति को तोड़ दिया गया उसके बाद अलग अगल जिले के अलग अलग समाज के लोगों द्वारा सतनामी समाज, अबेंडकर,संविधान, और छत्तीसगढ़ के उपर टिप्पणी किया जा रहा है जो कि संवैधानिक रूप से बेहद गलत है.
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