जियो/एयरटेल: SpaceX Starlink में साझेदारी पर यू-टर्न

नई दिल्ली: भारत की दो सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां—रिलायंस जियो और भारती एयरटेल—ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के साथ करार किया है। यह समझौता ग्राहकों को स्टारलिंक के जरिए सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने के लिए किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि पहले दोनों कंपनियां स्पेसएक्स के भारत में प्रवेश का विरोध कर रही थीं।

यू-टर्न क्यों लिया?

बीते साल तक एयरटेल और जियो, स्पेसएक्स के भारत में काम करने के तरीकों पर सवाल उठा रहे थे। दोनों कंपनियों ने दावा किया था कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को भी लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम खरीद की अनिवार्यता के तहत लाया जाना चाहिए, ताकि टेलीकॉम सेक्टर में समान प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2024 में एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा था कि सैटेलाइट कंपनियों को भी पारंपरिक टेलीकॉम कंपनियों की तरह स्पेक्ट्रम खरीदना चाहिए और लाइसेंस शुल्क देना चाहिए। जियो भी इसी विचार का समर्थन कर रहा था।

मस्क का पलटवार

एलन मस्क ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जियो और एयरटेल की मांग को “अभूतपूर्व” करार दिया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या भारत में स्टारलिंक को सेवा देने की अनुमति लेना “इतना मुश्किल” है?

अब क्या बदला?

पहले विरोध करने वाली जियो और एयरटेल अब स्टारलिंक के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। यह यू-टर्न भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ते प्रतिस्पर्धा और सैटेलाइट इंटरनेट के संभावित भविष्य को दर्शाता है।

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