बिलासपुर: शहर के एक दवा कारोबारी से गुवाहाटी के सप्लायर ने मेडिकल सामान की सप्लाई के नाम पर 3 करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने एडवांस भुगतान लेने के बाद न तो सामान की डिलीवरी की और न ही पैसे लौटाए। इस मामले में सिरगिट्टी पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्यापार में मदद के नाम पर ठगी
तिफरा की आर्या कॉलोनी निवासी राकेश खरे दवाइयों और सर्जिकल आइटम्स के सप्लायर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि साल 2021 में उनकी मुलाकात असम के गुवाहाटी निवासी नरेंद्र सिन्हा से हुई थी। नरेंद्र ने खुद को उत्तरी कछार हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (दिमा हसाओ) का सदस्य बताते हुए व्यापार में मदद करने की बात कही।
बड़ा ऑर्डर और एडवांस पेमेंट का झांसा
मई 2021 में नरेंद्र ने राकेश को दिमा हसाओ से फेस मास्क, पीपीई किट और ग्लब्स के 14 करोड़ रुपये के ऑर्डर की कॉपी भेजी। इसके बाद उसने राकेश की मुलाकात गुवाहाटी में विवेक फुकान और हिरेंद्र सिन्हा से कराई, जिन्हें उसने इन वस्तुओं का सप्लायर बताया। नरेंद्र के भरोसे पर राकेश ने दोनों फर्मों को अलग-अलग किश्तों में कुल 3.15 करोड़ रुपये एडवांस भुगतान कर दिया।
चार साल बाद मामला दर्ज
भुगतान के बाद न तो कोई ऑर्डर मिला और न ही मेडिकल सामान की आपूर्ति हुई। जब राकेश ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें टालमटोल किया गया। चार साल तक इंतजार करने के बाद उन्होंने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।