छत्तीसगढ़: सरकार ने प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब जो गांव नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त होंगे, उन्हें सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये का विशेष अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए इनाम की राशि भी दोगुनी कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को दी।
‘एलवद पंचायत अभियान’ के तहत सरेंडर की पहल
प्रदेश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने ‘एलवद पंचायत अभियान’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, ग्राम पंचायतें स्वयं नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पहल करेंगी और उनके आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित करेंगी। जो गांव पूरी तरह नक्सल मुक्त होंगे, उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा और विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए इनाम की राशि दोगुनी
सरकार ने नई सरेंडर नीति को कैबिनेट से मंजूरी दिलाई है। इस नीति के तहत, यदि नक्सली सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उनके लिए इनाम की राशि को दोगुना कर दिया जाएगा। इसके अलावा, नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिवारों की समस्याओं को आईजी रेंज स्तर पर सुना जाएगा और उनके समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
‘वीर बलिदानी योजना’ के तहत शहीदों को सम्मान
शहीद जवानों की याद में सरकार ने ‘वीर बलिदानी योजना’ शुरू की है, जिसके तहत शहीदों की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि हाल ही में बीजापुर के गंगालूर इलाके में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। 26 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि कांकेर और नारायणपुर इलाके में 4 नक्सली मारे गए हैं। इस प्रकार, अब तक कुल 30 नक्सलियों को मार गिराया गया है।
बस्तर में तेजी से हो रहा विकास
सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को तेज कर दिया है। 570 नए मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जिससे संचार व्यवस्था मजबूत हुई है। बीजापुर से पामेड़ तक सीधा मार्ग खुल गया है, जिससे आवाजाही आसान हो गई है। इसके अलावा, 25 सालों से बंद गारपा साप्ताहिक बाजार को फिर से शुरू किया गया है, और कोंडापल्ली में भी नई सुविधाओं की शुरुआत की गई है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और राज्य के सभी नागरिकों को सुरक्षित और विकसित माहौल मिलेगा।