जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के थाना चांपा क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। यहां 34 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर अनुसुइया चौहान की 33kV हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, अनुसुइया चांपा स्थित घाटोली चौक में एक भवन निर्माण कार्य में मजदूरी कर रही थीं।
सुरक्षा मानकों में लापरवाही
वे ठेकेदार सरोज धीवर के अधीन काम कर रही थीं। घटना के समय सुरक्षा के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया गया था। हाई वोल्टेज तार इतने नजदीक थे लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया, और महिला काम करते हुए करंट की चपेट में आ गईं।
बिना लाइसेंस की ठोकेदारी
गंभीर बात यह है कि ठेकेदार सरोज धीवर के पास मजदूरों को नियोजित करने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। बिना लाइसेंस के मजदूरी कराना और सुरक्षा उपायों की अनदेखी करना श्रम कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। अनुसुइया चौहान परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थीं। उनके पति का कोई स्थिर आय स्रोत नहीं है।
तीन बेटियों का भविष्य अधर में छूटा
वे अपनी तीन छोटी बेटियों का पालन-पोषण अकेले दिहाड़ी मजदूरी से कर रही थीं। उनकी अचानक मौत से अब तीन मासूम बच्चियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। परिवार गहरा सदमे में है और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। मृतका का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिवार वाले भवन मालिक और ठेकेदार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। यह घटना एक बार फिर निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा और ठेकेदारों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन से अपील है कि जांच तेज कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता मिले।
