प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रीलंका यात्रा, क्या हैं उम्मीदें!!

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल 2025 को श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे। यह उनकी 2015 के बाद से श्रीलंका की चौथी यात्रा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है।​

त्रिंकोमाली में सौर ऊर्जा परियोजना का शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य मकसद त्रिंकोमाली जिले के सामपुर क्षेत्र में 135 मेगावाट की सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन है। यह परियोजना भारत की नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) और श्रीलंका की सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CEB) के संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित की गई है। इससे श्रीलंका की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। ​

द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर

इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने हैं, जिनमें व्यापार, ऊर्जा, और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौते शामिल हैं। विशेष रूप से, दोनों देशों ने बिजली ग्रिड कनेक्टिविटी और बहुउद्देश्यीय पेट्रोलियम पाइपलाइन स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा।

सामरिक सहयोग और सुरक्षा वार्ता

प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया और रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई। ​

सांस्कृतिक और जन-जन संपर्क

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और श्रीलंका के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी महत्व दिया। उन्होंने रामायण सर्किट और बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रयासों की घोषणा की, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। ​

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