महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से नाबालिग कन्या का विवाह से रोका गया। बाल विवाह संबंधी सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्रीमती अनिता अग्रवाल एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व एवं पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम जूनाडीह (बलौदा) थाना व तह. बलौदा में बालिका के घर जाकर उसके अंकसूची की जांच की जहां बालिका की उम्र 17 वर्ष 02 माह होना पाया गया। साथ ही बालिका के भाई का साथ में विवाह कार्यक्रम होने पर उसके भाई के भी उम्र सत्यापन हेतु अंकसूची की जांच की गई, जिसमें उसकी उम्र 20 वर्ष 06 माह पाया गया। जोकि विवाह हेतु निर्धारित उम्र से कम था।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारीयों द्वारा बालिकों एवं उनके माता-पिता एवं स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया एवं समझाईश के पश्चात स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालिका के माता-पिता की सहमति से बालकों के विवाह को रोका गया एवं लड़कियों के लिए निर्धारित 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए निर्धारित 21 वर्ष के पूर्व विवाह न करने संबंधी घोषणा पत्र व राजीनामा पत्र में गवाहों के समक्ष हस्ताक्षर कराया गया। दल में एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा से पर्यवेक्षक सुश्री प्रीति बघेल, जिला बाल संरक्षण इकाई से डेटा एनालिस्ट श्री धीरज राठौर, आउटरीच वर्कर श्री अमित भोई, चाइल्ड हेल्प लाईन समन्वयक श्री निर्भय सिंह एवं पुलिस थाना बलौदा के टीम उपस्थित थे।
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