शनिचरा ग्राम पर चारपारा का अत्याचार, अब नहीं सहेंगे ग्रामीण…किया विरोध प्रदर्शन

रिपोर्टर –जय ठाकुर
लोकेशन जांजगीर-चांपा


जांजगीर में आज बलौदा क्षेत्र के ग्राम शनिचराडीह के ग्रामीणों ने बेजा कब्जे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचने निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। तहसील बलौदा अंतर्गत ग्राम शनिचराडीह के ग्रामीण बड़ी संख्या में आज जांजगीर पहुंचे। हाथों में तख्तियां और “हमारी मांगें पूरी करो” के नारे लगाते हुए ग्रामीण कलेक्ट्रेट मार्ग से कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि पुलिस ने उन्हें कलेक्टर कार्यालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने वहीं प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और मीडिया से बातचीत की।


ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में शासकीय भूमि पर बड़े पैमाने पर बेजा कब्जा किया गया है, जिससे निस्तार के लिए कोई खाली जमीन नहीं बची है। उनका कहना है कि तालाब निर्माण, गोठान और पौधरोपण जैसे सामुदायिक कार्यों के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बाइट – ग्रामीण शांति भाई

“हमारे गांव में बड़ी मात्रा में बेजा कब्जा हो गया है। निस्तार के लिए जमीन नहीं बची है। तालाब, गोठान और पौधरोपण के लिए भी जगह नहीं है। प्रशासन जल्द कार्रवाई करे।”

बाइट – सुमित एसडीएम (जांजगीर)

जांजगीर एसडीएम ने बताया कि मामला तहसील बलौदा में लंबित है। तहसीलदार के माध्यम से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को 15 दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

बाइट – ग्रामीण सरस्वती

“हम 15 दिन इंतजार करेंगे, अगर कार्रवाई नहीं हुई तो फिर आंदोलन करेंगे।” अब देखना होगा कि प्रशासन 15 दिन के भीतर क्या कार्रवाई करता है और क्या ग्रामीणों को उनकी निस्तारी भूमि वापस मिल पाती है।

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