छत्तीसगढ़: बीजापुर जिले के तामिलभट्टी जंगलों में स्थित 70 फीट ऊंचे नक्सली स्मारक को सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया। बुल्डोजर की मदद से इस स्मारक को चंद मिनटों में जमींदोज कर दिया गया। यह कार्रवाई उसूर थाना क्षेत्र के बटालियन एरिया में की गई, जहां नक्सली अपने लड़ाकों को प्रशिक्षण देते थे। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई में DRG, STF, कोबरा और CRPF के जवान शामिल थे, जिन्होंने हाल ही में इस इलाके में बड़े पैमाने पर नक्सल विरोधी अभियान चलाया था। पुजारी कांकेर में कैंप स्थापित होने के बाद, जवान लगातार नक्सलियों के गढ़ में घुसकर उनके ठिकानों को नष्ट कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार ने 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की घोषणा की है, जिसके तहत बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में व्यापक सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों को उनके हार्डकोर इलाकों में भी कमजोर करना और बैकफुट पर धकेलना है। बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों ने लगातार दबाव बनाते हुए नक्सलियों के ठिकानों को ध्वस्त किया है, जिससे संगठन की गतिविधियां सीमित होती जा रही हैं।
सरकार की “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर दो इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर 2-2 लाख रुपये का इनाम था और अब उन्हें पुनर्वास नीति के तहत प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।