जांजगीर-चांपा: जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में एक बार फिर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों और पीड़ित की शिकायत के अनुसार, जिला शिक्षा कार्यालय का एक कर्मचारी किसलेय घृतलहरे द्वारा शा.उ.मा.वि.सिवनी चांपा में भृत्य के पद पर पदस्थ युगेंद्र कुमार कुर्रे से पैसों की मांग की जा रही है. कलेक्टर से शिकायत करते हुए युगेंद्र कुर्रे ने आवेदन प्रस्तुत किया है कि किसलेय घृतलहरे के द्वारा पहले 15000 रुपये (कैश) उसके बाद 45 हजार रुपये (कैश) की अवैध राशि ली गयी है. बाद में कर्मचारी किसलेय का लालच बढ़ता गया और पीडित युगेंद्र से उसने एक बार फिर 60 हजार रुपये की मांग की, कलेक्टर को लिखे शिकायती आवेदन पत्र में युगेंद्र द्वारा लिखा गया है ‘जब मैने उक्त अवैध मांग पूरी करने से इनकार किया तो मुझे दबाव बनाकर एवं प्रताड़ित करते हुए कार्यलय में जबरन अटैच किया जा रहा है’ साथ ही युगेद्र द्वारा शिकायत में लिखा गया है कि ‘इस प्रकार का दबाव एवं अवैध मांग मेरे और मेरे परिवार के लिए अत्यंत कष्टदायक है’
पीडित युगेंद्र कुर्रे से किसलेय घृतलहरे ने फोन-पे के माध्यम से भी ली है अवैध राशि
बैंकिग साइट फोन पे पर दिए गए राशि का विवरण: –

योगेंद्र ने आरोप लगाया कि यह व्यवहार उनके और उनके परिवार के लिए अत्यंत कष्टदायक साबित हो रहा है। वे मानसिक रूप से परेशान हैं और परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा शिक्षा कार्यलय में कार्यरत कर्मचारी किसलेय की यह हरकत साफ साफ रिश्वतखोरी की ओर इशारा है, जहां अधिकारी अपनी पदवी का दुरुपयोग कर आम लोगों को लूट रहे हैं। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद पैसों की मांग करने वाले कर्मचारी किसलेय पर कोई जांच होगी या अधिकारी घृतलहरे की इस लापरवाही को नजरअंदाज कर देगें?

