छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान मतगणना के बाद माहौल हिंसक हो गया। सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ रही रुखमणी कोसम की हार उनके समर्थक सह नहीं पाए। सरपंच प्रत्याशी के समर्थकों ने री-काउंटिंग की मांग करने के साथ ही मतगणना स्थल पर हंगमा करना शुरू कर दिया। भीड़ बेकाबू होते देखकर मतदान दल ने पुलिस को स्थिति की जानकारी दी, तो मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भीड़ के आक्रोश का सामना करना पड़ा। भीड़ इतनी उग्र हो गई कि पुलिस पर हमला कर दिया। हंगामे में शामिल लोगों ने एक महिला पुलिसकर्मी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान मतपेटी लूटने की भी कोशिश की गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
40-50 लोगों पर FIR दर्ज
बवाल के दौरान पुलिस के समझाने के बावजूद जब भीड़ काबू में नहीं आई तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज से भड़के रुक्मणी कोसम के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और कई पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। घटना में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 40-50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
7-8 पुलिसकर्मी हुए घायल
भीड़ के हमले में सात से आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि पुलिस के लाठीचार्ज में कई ग्रामीण घायल हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने बुजुर्ग महिलाओं तक को नहीं बख्शा, जिससे भीड़ उग्र हो गई थी।
पुलिस ने इस मामले में पूर्व सरपंच घासीराम वट्टी, रोहित नेताम समेत कई लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मुख्य आरोपी घासीराम वट्टी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम लगातार दबिश देकर अन्य आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
डीएसपी अविनाश ठाकुर ने बताया कि पुलिस इस घटना की गहन जांच कर रही है। हिंसा में शामिल कई लोगों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें सर्च अभियान चला रही हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले के मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।