अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में 75 करोड़ के बजट को मंजूरी, बिजली बिल से मुक्ति की योजना का ऐलान

जांजगीर-चांपा | 7 अगस्त 2025
जांजगीर-चांपा जिले में आज अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अध्यक्षता की और उपाध्यक्ष खुशवंत साहेब भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में कई ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई, जिनका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के समग्र विकास को सशक्त रूप से आगे बढ़ाना है।

बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। यह निर्णय राज्य में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

गिरौधपुरी में विकास कार्य और मेधावी छात्रों के लिए मदद

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बाबा गुरुघासीदास की तपोभूमि गिरौधपुरी में 2 करोड़ रुपये के विशेष विकास कार्य किए जाएंगे। साथ ही, अनुसूचित जाति वर्ग के 5 मेधावी छात्रों को पायलट प्रशिक्षण के लिए प्रति वर्ष 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह पहल युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी और उन्हें वैश्विक अवसरों से जोड़ने का कार्य करेगी।

नालंदा परिषद का निर्माण सभी प्रमुख शहरों में

सरकार ने सभी जिला मुख्यालयों और प्रमुख शहरों में नालंदा परिषद की स्थापना की घोषणा भी की है। यह संस्थान अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता के नए द्वार खोलेगा।

बिजली बिल से मुक्ति की योजना का ऐलान, सड़कों को लेकर सख्त संदेश

कांग्रेस द्वारा बिजली बिल आधा करने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब बिजली बिल पूरी तरह मुफ्त करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार 2 किलोवाट के सौर संयंत्र पर 60,000 रुपये की सब्सिडी दे रही है, जबकि राज्य सरकार ने अतिरिक्त 30,000 रुपये की सब्सिडी देने की योजना बनाई है। इस योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में हर घर को स्वच्छ ऊर्जा से बिजली उत्पादन की सुविधा मिलेगी और लोग बिजली बिल के बोझ से मुक्त होंगे।

सड़कों की खराब हालत पर पूर्ववर्ती सरकार को घेरामुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,

“कांग्रेस ने अपने पांच साल के कार्यकाल में सड़कों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते काम किया गया होता, तो आज यह स्थिति नहीं होती। हमारी सरकार पिछले डेढ़ सालों में सड़क सुधार को प्राथमिकता देते हुए तेज़ी से कार्य कर रही है।”

इस बैठक में लिए गए निर्णय छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम हैं। साथ ही बिजली और बुनियादी ढांचे को लेकर की गई घोषणाएं राज्य की आम जनता के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में निर्णायक साबित होंगी।

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