डेस्क: 64 साल बाद देश में ऐसा संयोग बना है जब होली और रमजान का जुमा एक ही दिन पड़ा है। इससे पहले 4 मार्च 1961 को यह संयोग बना था। दोनों समुदायों के लिए यह दिन धार्मिक रूप से बेहद खास है, ऐसे में देशभर में पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। कई जगहों पर मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया, फ्लैग मार्च निकाले गए और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुस्लिम समुदाय ने सौहार्द्र बनाए रखने के लिए जुमे की नमाज का वक्त बदला और संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासनिक कदम उठाए गए।
उत्तर प्रदेश में विशेष सतर्कता बरती गई, जहां बरेली, संभल, शाहजहांपुर, अलीगढ़, बाराबंकी, अयोध्या और मुरादाबाद समेत सैकड़ों मस्जिदों को ढका गया है। पुलिस ने ड्रोन से निगरानी, फ्लैग मार्च और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। प्रदेश में कई जगहों पर जुमे की नमाज का समय बदला गया और लोगों को सलाह दी गई कि वे अपने घरों के पास की मस्जिदों में ही नमाज अदा करें। इसी तरह, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
दिल्ली और हैदराबाद में भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने 25,000 से ज्यादा जवानों की तैनाती की है और 300 संवेदनशील स्थानों की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। हैदराबाद और सिकंदराबाद में जबरन रंग लगाने, पानी डालने और बाइक गैंग बनाकर सड़कों पर घूमने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, अजमेर दरगाह, हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
देशभर में प्रशासन और पुलिस ने सख्ती और सौहार्द्र दोनों के साथ इस खास दिन को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए हैं। स्थानीय स्तर पर समुदायों के बीच संवाद और तालमेल से माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है। अब तक किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई है, जो आपसी भाईचारे और समझदारी का सकारात्मक संकेत है।