नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में एनडीए के पास बहुमत होने के कारण यह विधेयक आसानी से पारित हो सकता है, लेकिन राज्यसभा में सरकार को कड़ी चुनौती मिल सकती है।
लोकसभा में संख्याबल
- कुल सदस्य: 542
- एनडीए (भारतीय जनता पार्टी सहित): 293
- भाजपा: 240
- सहयोगी दल: 53
- विपक्ष (INDIA गठबंधन): 249
- कांग्रेस: 99
- अन्य विपक्षी दल: 150
सरल बहुमत के लिए 272 सांसदों की जरूरत होती है, जिसे देखते हुए एनडीए को लोकसभा में किसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।
राज्यसभा में टकराव संभव
- कुल सदस्य: 245
- एनडीए: 125
- विपक्ष: 120
- बहुमत के लिए आवश्यक संख्या: 123
राज्यसभा में एनडीए के पास 125 सांसद हैं, जो मामूली बढ़त देते हैं, लेकिन विपक्षी दलों की रणनीति इस समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
विधेयक का समर्थन करने वाले दल
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- जनता दल (यूनाइटेड) [JDU]
- तेलुगू देशम पार्टी (TDP)
विधेयक का विरोध करने वाले दल
- कांग्रेस: पार्टी ने अपने सांसदों को तीन लाइन व्हिप जारी किया है।
- समाजवादी पार्टी (SP): अखिलेश यादव ने विधेयक का विरोध करने की घोषणा की है।
- AIMIM: असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक की आलोचना की है।
- जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC): उमर अब्दुल्ला ने भी विरोध दर्ज कराया है।
अनिर्णीत दल और अहम वोट
कुछ क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय सांसदों ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। राज्यसभा में ये वोट विधेयक के भाग्य का फैसला कर सकते हैं।
निष्कर्ष
लोकसभा में विधेयक के पास होने की संभावना अधिक है, लेकिन राज्यसभा में समीकरण फंस सकता है। अगर सरकार विपक्षी दलों के कुछ नेताओं को समर्थन के लिए मना पाती है, तो विधेयक को मंजूरी मिलने में कोई समस्या नहीं होगी।