छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के घर समेत 14 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 मार्च को एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में की गई, जिसमें शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप की जांच शामिल है।
भिलाई स्थित आवास पर 11 घंटे तक चला तलाशी अभियान
ईडी की टीम सुबह से लेकर शाम तक करीब 11 घंटे तक बघेल के आवास और अन्य ठिकानों की तलाशी लेती रही। सूत्रों के मुताबिक, नकदी और कीमती सामान की जांच के लिए नोट गिनने और सोना परखने वाली मशीनें भी मंगवाई गईं। छापेमारी के दौरान 33 लाख रुपये कैश बरामद हुआ, जिसकी पुष्टि खुद बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।
बघेल का बयान – “मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश”
छापेमारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा,
“हमारे पास 150 एकड़ से ज्यादा की जमीन और डेयरी का कारोबार है, यह पैसा परिवार और व्यवसाय से जुड़ा है। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है।”
बघेल ने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने विधानसभा में सवाल उठाए, ईडी उनके पीछे लग गई। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने सरकार से सवाल किए, तो 8 दिन के भीतर उन्हें जेल भेज दिया गया।
भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
ईडी की इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छापेमारी का विरोध करते हुए इसे भाजपा सरकार की साजिश बताया। कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कहा,
“भाजपा हमेशा विपक्ष को दबाने के लिए ईडी का इस्तेमाल करती है। मोदी सरकार जब-जब घबराती है, तब-तब छापेमारी करवाई जाती है।”
वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,
“हमारा ईडी से कोई लेना-देना नहीं है। बीते 5 सालों में सरकार में कई घोटाले हुए, जिनकी जांच चल रही है। कई लोग जेल में हैं, अगर कोई दोषी है तो कानून अपना काम करेगा।”
किन मामलों में हो रही जांच?
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह छापेमारी शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों से जुड़ी है। बघेल का नाम इन मामलों में पहले भी सामने आया था, जिससे वह ईडी के रडार पर थे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह कार्रवाई किस विशेष मामले को लेकर की गई।
ईडी को कोई ठोस सबूत नहीं मिला – बघेल
ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेजों की जांच की। हालांकि, बघेल ने कहा कि,
“ईडी को ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जिससे हमें चिंता हो। यह सिर्फ कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश है।”
छत्तीसगढ़ में ईडी की इस कार्रवाई से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। जहां भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच का हिस्सा बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं और ईडी की जांच किस दिशा में जाती है।
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