बलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम शनिचरा के ग्रामीणों ने आज बलौदा थाना के पास जोरदार चक्का जाम और धरना प्रदर्शन किया।
उनकी मुख्य शिकायत है कि पड़ोसी ग्राम चारपारा के लोगों ने शनिचरा की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिसे प्रशासन के बार-बार मना करने और नोटिस देने के बावजूद नहीं हटाया जा रहा। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है – न तो चारागाह बचा है और न ही निस्तारी के लिए कोई जमीन।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने कई बार छानबीन कर शनिचरा वासियों के पक्ष में फैसला दिया और चारपारा वासियों को नोटिस जारी कर धान की बुआई न करने व कब्जा हटाने का आदेश दिया।

लेकिन इसके बावजूद चारपारा के लोग लाल झंडा लगी जमीन पर रविवार को (जब सरकारी छुट्टी होती है) धान की बुआई कर रहे हैं, क्योंकि उस दिन प्रशासन का ध्यान नहीं रहता। इस कब्जे के चलते शनिचरा में पालतू पशु – गाय, भैंस, बैल – अपने गांव में चारा नहीं पा रहे और दूसरे गांवों में चरने जाते हैं। वहां उन्हें टांगा-फरसी से मारा जाता है या ट्रक की चपेट में आकर मर जाते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि शनिचराडीह वासियों को बार-बार पेशी पर बुलाया जाता है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार, कलेक्टर, पटवारी और तहसीलदार उनकी बात सुनें, ध्यान दें और अवैध कब्जा हटवाकर उनकी जमीन वापस दिलाएं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
