छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विदेशी फंडिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कई गैर-सरकारी संगठन (NGO) विदेशों से हेल्थ और एजुकेशन के नाम पर सहायता प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन इस धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। सीएम के मुताबिक, इन संगठनों के माध्यम से धर्मांतरण का खेल चल रहा है, जो अनुचित है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ संदिग्ध NGO के बारे में जानकारी मिली है, जो विदेशी सहायता लेकर प्रलोभन और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य और केंद्र सरकार जांच एजेंसियों की मदद से इन मामलों की गहन जांच करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फंडिंग का सही उद्देश्य से उपयोग हो रहा है या नहीं। यदि किसी भी NGO की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है, और कई संगठनों ने इस पर रोक लगाने की मांग की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी और जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगी। इसके तहत सरकार धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए नए कानून का प्रस्ताव भी ला सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले 11 महीनों में छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर 13 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं, जबकि बस्तर संभाग में इस संबंध में 23 शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाले किसी भी संगठन को बख्शा नहीं जाएगा, और इस विषय पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी।