ये कहानी छत्तीसगढ़ के पहले शहीद कहे जाने वाले शख्स नारायण सिंह की है, जिन्हें हम वीर नारायण सिंह या सोनाखान के शेर के नाम से जानते हैं. इस वीडियो को देखने के बाद आपको पता चलेगा कि कैसे एक जमींदार अपनी जनता के हित के लिए खुद फांसी के फंदे पर झुल गए, जब ये घटना घटी तब देश में अंगेजी हुकुमत थी. नारायण सिंह ने अपनी जनता को भूखमरी से बचाने के लिए साहूकारों के गोदाम लुटे जहां अंग्रेज और साहूकार आम लोगों से लुटकर अनाज की जमाखोरी करते थे. नारायण सिंह ने अपने शौर्य और बल से अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए. जब अंग्रेज नारायण सिंह को पकड़ ना सके तो उन्होंने नारायण सिंह की जनता के साथ बर्बरता शुरु कर दी… आगे की कहानी जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-
Related Posts
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ का भव्य सम्मान समारोह: जांजगीर-चांपा जिला इकाई का गठन, उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मान
- Nitesh
- December 22, 2025
- 0
छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ के तत्वावधान में बिलासपुर जिले में आयोजित पत्रकार महासंघ एवं सम्मान समारोह बड़े उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। प्रदेश […]
Attention: यह डॉग लावारिश हालत में मिला है, संपर्क करे
- Nitesh
- September 1, 2026
- 0
यह डॉग लावरिस हालत व भूखे प्यासे अवस्था में मिला है, शायद या अपने मालिक से बिछड़ गया है और रास्ता भटक चुका है. जिस […]
इन्फ़्लुएंसर रणवीर अल्हाबादिया और समय रैना की सोशल मीडिया पर हुई थू-थू.
- Admin
- February 10, 2025
- 0
हमारा देश किस ओर जा रहा है, हम अपने समय के साथ क्या से क्या कर रहे हैं पता नहीं. हम अपने रोज की जिंदगी […]
