ये कहानी छत्तीसगढ़ के पहले शहीद कहे जाने वाले शख्स नारायण सिंह की है, जिन्हें हम वीर नारायण सिंह या सोनाखान के शेर के नाम से जानते हैं. इस वीडियो को देखने के बाद आपको पता चलेगा कि कैसे एक जमींदार अपनी जनता के हित के लिए खुद फांसी के फंदे पर झुल गए, जब ये घटना घटी तब देश में अंगेजी हुकुमत थी. नारायण सिंह ने अपनी जनता को भूखमरी से बचाने के लिए साहूकारों के गोदाम लुटे जहां अंग्रेज और साहूकार आम लोगों से लुटकर अनाज की जमाखोरी करते थे. नारायण सिंह ने अपने शौर्य और बल से अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए. जब अंग्रेज नारायण सिंह को पकड़ ना सके तो उन्होंने नारायण सिंह की जनता के साथ बर्बरता शुरु कर दी… आगे की कहानी जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-
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