ये कहानी छत्तीसगढ़ के पहले शहीद कहे जाने वाले शख्स नारायण सिंह की है, जिन्हें हम वीर नारायण सिंह या सोनाखान के शेर के नाम से जानते हैं. इस वीडियो को देखने के बाद आपको पता चलेगा कि कैसे एक जमींदार अपनी जनता के हित के लिए खुद फांसी के फंदे पर झुल गए, जब ये घटना घटी तब देश में अंगेजी हुकुमत थी. नारायण सिंह ने अपनी जनता को भूखमरी से बचाने के लिए साहूकारों के गोदाम लुटे जहां अंग्रेज और साहूकार आम लोगों से लुटकर अनाज की जमाखोरी करते थे. नारायण सिंह ने अपने शौर्य और बल से अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए. जब अंग्रेज नारायण सिंह को पकड़ ना सके तो उन्होंने नारायण सिंह की जनता के साथ बर्बरता शुरु कर दी… आगे की कहानी जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-
Related Posts
क्या है भगवान राम का पूरा नाम?
- Admin
- October 18, 2024
- 0
भारत देश में शायद ही ऐसा कोई होगा जिसने मर्यादा में रहने के लिए राम का अनुसरण नहीं किया हो. भारतवंशियों के रोम रोम में […]
रिपोर्ट: छत्तीसगढ़ में टमाटर उत्पादकों की चिंता, कम दाम से बढ़ी मुश्किलें
- Admin
- February 25, 2025
- 0
देश की खाद्य आपूर्ति में सब्जियों के बाजार में दाम तेजी से बदलते हैं. शेल्फ लाइफ कम होने से इनकी सप्लाई लगातार जरूरी होती है। […]
आदिवासी और जंगलों का संरक्षण सब ढकोसला, अडानी उत्खनन के रास्ते में कुछ नहीं बचेगा
- Admin
- October 19, 2024
- 0
छत्तीसगढ़: कोयला खनन बढ़ाने के उद्देश्य से परसा कोल ब्लॉक के जंगलों को काटा जा रहा है. जंगलों की कटाई में इलाके के आदिवासी और […]
