रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) दीपक बैज की रेकी और जासूसी के मामले पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी विधायक गर्भगृह में उतरकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए सदन से उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया। हालांकि, कुछ देर बाद निलंबन रद्द कर दिया गया।
दीपक बैज ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आरोप लगाया कि उनके रायपुर स्थित शासकीय निवास की दो रातों से लगातार रेकी की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि दंतेवाड़ा पुलिस की एक गाड़ी (CG 17) 24 घंटे उनके घर के आसपास घूमती रही।
दीपक बैज ने कहा:
“पैदल घूमकर हमने खुद उस गाड़ी को पकड़ लिया। जब लोकल गंज थाना प्रभारी (TI) से जानकारी ली, तो उन्होंने भी इससे अनभिज्ञता जताई। दंतेवाड़ा के एडिशनल एसपी से बात की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बिना किसी दस्तावेज के पुलिसकर्मी यहां पहुंचे थे।”
“सरकार एजेंट की तरह कर रही जासूसी” – बैज
उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन अब सरकार के लिए एक एजेंट की तरह काम कर रहा है।
“अब हमारे पास सबूत हैं। पूरे जिले की पुलिस को मेरे पीछे लगाया गया है। सरकार चुनाव में धांधली कर रही है और जो भी मुझसे मिलने आ रहा है, उसकी निगरानी की जा रही है। यदि पीसीसी अध्यक्ष के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता का क्या हाल होगा?”
मामले की जांच और कार्रवाई की मांग
दीपक बैज ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। वहीं, विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर लोकतंत्र का दुरुपयोग करने और पुलिस का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रहा है।